संत रामपाल जी महाराज द्वारा लिखित पवित्र पुस्तक "जीने की राह" को Audio Book की मदद से सुनें। Audio Book Sant Rampal Ji Maharaj पर उपलब्ध है।

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🍁कबीर, सुमिरन सार है, और सकल जंजाल।आदि अन्त मध्य सोधिया, दूजा देख्या ख्याल।।सर्व साधनाओं में सबसे अधिक समय नाम स्मरण में लगाना चाहिए। नाम स्मरण न करके अन्य क्रियाओं को करना तो जंजाल बताया है अर्थात् व्यर्थ बताया है। 

कबीर साहेब जी जब झोपड़ी में सो रहे थे। तब शेखतकी ने गुंडों से पूज्य कबीर साहेब जी के शरीर को तलवार से टुकड़े टुकड़े करवा दिए। जब शेखतकी और गुंडों ने कबीर जी को मरा हुआ जाना और चल पड़े तो पीछे से कबीर साहेब ने कहा कि पीर जी दूध पीकर जाना। वे सभी भूत जानकर डर कर भाग गए। परम पूज्य कबीर जी मरे नहीं क्योंकि कबीर परमेश्वर अविनाशी परमात्मा हैं।