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कबीर साहेब जी जब झोपड़ी में सो रहे थे। तब शेखतकी ने गुंडों से पूज्य कबीर साहेब जी के शरीर को तलवार से टुकड़े टुकड़े करवा दिए। जब शेखतकी और गुंडों ने कबीर जी को मरा हुआ जाना और चल पड़े तो पीछे से कबीर साहेब ने कहा कि पीर जी दूध पीकर जाना। वे सभी भूत जानकर डर कर भाग गए। परम पूज्य कबीर जी मरे नहीं क्योंकि कबीर परमेश्वर अविनाशी परमात्मा हैं।
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